रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण के विरोध में सासनी के अधिवक्ताओं का 14वें दिन भी प्रदर्शन जारी, कामकाज रहा ठप

 


हाथरस जिले के सासनी में प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय को निजी क्षेत्र के सुपुर्द किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में सासनी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों और कातिबों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को विरोध प्रदर्शन के 14वें दिन भी वकीलों ने अपने चेंबर बंद रखे और काम का बहिष्कार करते हुए धरना जारी रखा। इस दौरान तहसील परिसर में रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला लगा रहा, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है।

धरना प्रदर्शन के कारण दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन के मुकदमों की पैरवी करने आए राकेश कुमार ने बताया कि वकील हड़ताल पर होने के कारण उनका काम नहीं हो सका और उन्हें भीषण गर्मी में बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, बैनामा कराने आए राजकुमार सिंह सठिया ने भी बताया कि तहसील में कामकाज बंद होने के कारण उन्हें बिना काम कराए ही वापस जाना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों का आरोप है कि इतने दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो वे इसके खिलाफ और भी कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस अवसर पर महेंद्र सिंह, प्यारेलाल शर्मा, राजेश लवानिया, राजेश शर्मा, संतोष शर्मा, योगेश शर्मा, मनवीर सिंह, संजीव कुमार, गौरीशंकर, केपी सुमन, कृष्ण सिंह, अनिल कुमार गुप्ता, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, गिर्राज किशोर और हर्षित लवानिया सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

रिपोर्ट BY- हिमांशु कुशवाहा सासनी।

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