दून स्कूल में सीबीएसई की ‘वैल्यूज एजुकेशन’ कार्यशाला में "नैतिक मूल्यों के विकास पर दिया गया, विशेष जोर।"

 


हाथरस शहर में स्थित दून पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण नैतिक मूल्यों के विकास तथा शिक्षा को अधिक संवेदनशील और मूल्यपरक बनाने के उद्देश्य से दिनांक 14 मार्च 2026 को विद्यालय प्रधानाचार्य एवं सीबीएसई जिला प्रशिक्षण समन्वयक जे० के० अग्रवाल के ज्ञानवर्धक नेतृत्व में कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के साथ सीबीएसई सीईओ नोएडा के तत्वावधान में ‘वैल्यूज एजुकेशन (नैतिक शिक्षा)’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों में नैतिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से समाहित करने के विभिन्न आयामों को समझा।

कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में ज्ञानदीप शिक्षा भारती सीनियर सेकेंड्री स्कूल, मथुरा की प्रधानाचार्या सुश्री रजनी नौटियाल तथा बाल बिहारी पब्लिक स्कूल, नोएडा की शिक्षिका सुश्री शेउली घोष विशेष रूप से उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य एवं रिसोर्स पर्सनों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मंत्रोच्चारण, पुष्प अर्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।इसके पश्चात वेन्यू डायरेक्टर एवं प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल ने रिसोर्स पर्सनों का राधे पट्टिका एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत-सत्कार किया।

कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सनों ने शिक्षकों को बताया कि आज के समय में केवल विषय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में ईमानदारी, सहानुभूति, अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी जैसे नैतिक मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न समूह गतिविधियों, संवाद, विचार-मंथन तथा रचनात्मक अभ्यासों के माध्यम से शिक्षकों को यह समझाया कि किस प्रकार कक्षा शिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यालयी वातावरण के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक जीवन मूल्यों को विकसित किया जा सकता है।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रतिभागियों के भीतर निहित नैतिक गुणों को पहचानना और उन्हें शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी रूप से लागू करना था। रिसोर्स पर्सनों ने वास्तविक जीवन के उदाहरणों और व्यावहारिक तरीकों के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित किया, जिससे वे विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक और जिम्मेदार व्यक्तित्व के रूप में तैयार कर सकें।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य जे० के०अग्रवाल  ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्यालय केवल ज्ञान देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां विद्यार्थियों के चरित्र और संस्कारों का निर्माण होता है। आज के दौर में नैतिक शिक्षा का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। यदि शिक्षक स्वयं मूल्यों को अपने आचरण में उतारते हैं, तो विद्यार्थी स्वाभाविक रूप से उनसे प्रेरित होते हैं। हमें शिक्षा को इस प्रकार आगे बढ़ाना होगा कि हमारे विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनें।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने के साथ-साथ शिक्षा को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और मूल्यपरक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इस कार्यशाला में हाथरस जनपद के सीबीएसई स्कूलों - जिनमें दून पब्लिक स्कूल, हाथरस और सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल, सासनी के लगभग 60 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यशाला का समापन  शिक्षिका अनुपमा राघव द्वारा सभी अतिथियों, रिसोर्स पर्सनों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसे अपने शैक्षणिक कार्य में लागू करने का संकल्प लिया।इस प्रकार दून पब्लिक स्कूल, हाथरस में आयोजित यह सीबीएसई कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने शिक्षा में नैतिक मूल्यों की महत्ता को और अधिक सशक्त रूप से स्थापित किया।

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