हाथरस जिले की कोतवाली क्षेत्र के गाँव नूरपुर में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब घर के रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। इस भीषण हादसे में एक मासूम बच्चे समेत कुल पाँच लोग आग में झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।वही परिवार की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों की सक्रियत के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।वही सभी घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी अरविंद के घर में HP कंपनी का गैस सिलेंडर इस्तेमाल किया जा रहा था। खाना बनाते समय अचानक गैस रिसाव की वजह से सिलेंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया,जिसकी चपेट में आकर परिवार के पाँच सदस्य झुलसकर घायल हो गए।गैस सिलेंडर में आग लगने से परिवार के लोगो में चीख पुकार मच गई।वही ग्रामीण परिवार के लोगो की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंच गए और सभी को घायल हालत में घर से बाहर निकाला गया।हादसे की सूचना इलाका पुलिस को भी दे दी गई।सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अरविंद,प्रताप,राजू,शशि,लोकेश(बच्चा) को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह हादसा गैस एजेंसी की घोर लापरवाही का नतीजा है। परिजनों ने बताया कि "जिस दिन से गैस वाला सिलेंडर देकर गया था, उसी दिन से वह लीक कर रहा था।" इसकी शिकायत संबंधित एजेंसी के कर्मचारी को कई बार फोन पर दी गई,लेकिन सूचना देने के बावजूद कोई भी कर्मचारी सिलेंडर की जाँच करने या उसे बदलने नहीं पहुँचा।इसीअनदेखी की कीमत आज पूरे परिवार को चुकानी पड़ी।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल शिव कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।वही ग्रामीणों में गैस एजेंसी के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर लीकेज वाले सिलेंडर देना लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।

0 Comments