ग्राम पंचायत का कचरा प्रबंधन केंद्र बना भेड़ बकरियों का तबेला,ग्रामीणों में भारी रोष,


हाथरस जिले के सासनी विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दरियापुर में सरकारी धन और संसाधनों के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव में कचरा प्रबंधन के उद्देश्य से करोड़ों की लागत और स्वच्छता मिशन के तहत स्थापित किया गया रूरल रिसोर्स सेंटर (RRC) अपने मूल उद्देश्य से भटक कर अब भेड़-बकरियों का तबेला बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस केंद्र को गांव को स्वच्छ बनाने के लिए बनाया गया था, वहां अब दिन-रात पशुओं का डेरा रहता है, जबकि गांव का कूड़ा सड़कों और खाली प्लॉटों में जमा हो रहा है।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब एक साल पहले इस सेंटर का निर्माण बड़ी उम्मीदों के साथ किया गया था, ताकि गांव को कूड़ा मुक्त बनाया जा सके। ग्रामीण रामगोपाल वाष्र्णेय और सर्वेश वाष्र्णेय ने ग्राम प्रधान और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि केंद्र में कभी भी कचरा निस्तारण का कार्य शुरू ही नहीं हो सका। इसके विपरीत, यहां हर समय पशु बंधे रहते हैं, जिससे सरकारी भवन की हालत भी जर्जर हो रही है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप्प होने के कारण चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।


इस मामले की गूंज अब प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गई है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ सुबोध जोशी ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मौके पर आरोप सही पाए जाते हैं और सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग सिद्ध होता है, तो संबंधित क्लस्टर प्रभारी (DC), पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। विभाग न केवल उनसे स्पष्टीकरण मांगेगा, बल्कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।

रिपोर्ट BY- हिमांशु कुशवाहा सासनी।

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