हाथरस जिले की सासनी तहसील स्थित विद्यापीठ इंटर कॉलेज में आज, देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल और समस्त शिक्षकों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानाचार्य ने बाबा साहब के सिद्धांतों के बारे में बताया।
प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में बताया कि आज, उनके योगदान को याद करते हुए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों को केवल याद नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें अपने समाज और जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है – असमानता, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना और हर व्यक्ति के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना। विद्यालय के शिक्षक संजय कुमार ने बाबा साहब के विचारों, सिद्धांतों और दूरदृष्टि को भारतीय लोकतंत्र की नींव बताया, यह कहते हुए कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संघर्ष, विचार और संविधान-निर्माण में उनका योगदान सदैव हम सभी का मार्गदर्शन करता रहेगा।
शिक्षक ने बाबा साहब के जीवन भर के संघर्षों पर प्रकाश डाला।
शिक्षक राजीव कुमार ने अंबेडकर के जीवन भर के संघर्षों पर प्रकाश डाला, जिसमें छुआछूत, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनका संघर्ष शामिल है। उन्होंने छात्रों को उनका प्रसिद्ध मंत्र – 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' – याद दिलाया और बताया कि 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू में जन्मे बाबासाहेब ऐसे धर्म को मानते थे जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। शिक्षक मुकेश दिवाकर ने डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर को एक बड़े समाज सुधारक और विद्वान बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीब, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान यह लोग मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में अरुण कुमार कौशिक, संजय कुमार, राजीव कुमार, भारत सिंह, प्रियंका, नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, हनी वशिष्ठ, शिवम कुशवाहा, सतीश कुमार, यश कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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