हाथरस जिले की सासनी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गांव समामई से शुरू हुई एक पुनीत और साहसिक यात्रा का अंत बेहद दुखद रहा। गांव समामई निवासी भोला पंडित के नेतृत्व में अपने 5-6 साथियों के साथ हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल लेकर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ निकली 3000 किलोमीटर की पैदल यात्रा हादसे का शिकार हो गई। नागपुर के समीप एक अनियंत्रित ट्रक ने यात्रियों के ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पूरी यात्रा में कोहराम मच गया। इस भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए समामई निवासी जगदीश पुत्र गिरीश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, वहीं एक अन्य घायल श्रद्धालु पीयूष दीक्षित की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार शाम करीब 7 बजे गौरक्षक और हिंदू सनातनी दक्ष चौधरी अपनी टीम के सदस्यों अभिषेक, यूवी और अक्कू पंडित के साथ समामई गांव पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार और यात्रा के संचालक भोला पंडित से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान दक्ष चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि यह क्षति पूरे हिंदू समाज की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भोला पंडित खुद को अकेला न समझें, उनकी पूरी टीम और हर सनातनी इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भोला पंडित के साहस की सराहना करते हुए कहा कि गौ माता के सम्मान के लिए निकाली गई इस यात्रा के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

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