हाथरस जिले में भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सासनी तहसील में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार के नाम संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम नीरज शर्मा को सौंपा। भाकियू ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अपनी आगामी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि यदि सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आगामी 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी न होने पर 21 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की रणनीति अपनाई जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान भाकियू नेताओं ने खतौनियों में दर्ज त्रुटियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और मांग की कि सरकारी स्तर पर खतौनियों की 99 फीसदी गलतियों को तत्काल दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा, वर्तमान खाद वितरण कानूनों को अव्यावहारिक बताते हुए उन्हें रद्द करने और कृषि के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।

आलू किसानों की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए संगठन ने सरकार से मांग की है कि किसानों को 500 रुपये प्रति कुंतल की दर से राहत राशि प्रदान की जाए। साथ ही, 1000 रुपये प्रति कुंतल की दर से आलू की सरकारी खरीद सुनिश्चित कराने की पुरजोर मांग उठाई गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 20 वर्षों से बदहाल पड़ी सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

एसडीएम को सौंपे गए इस ज्ञापन में संगठन ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चौधरी हरपाल सिंह को जेल से रिहा करने की भी मांग की है। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम दिया गया है। भाकियू का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर संगठन सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष उमाशंकर वांगर, प्रदीप उपाध्याय सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रिपोर्ट BY- हिमांशु कुशवाहा सासनी।