सरस्वती महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ मंगलमय शुभारंभ, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं हवन-पूजन के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की गई मंगलकामना

हाथरस सरस्वती महाविद्यालय में गुरुवार को नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप हवन-पूजन के साथ श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। महाविद्यालय के लाइब्रेरी हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय एवं सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।

हवन-पूजन के दौरान यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों तथा सफल एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक सत्र की मंगलकामना की गई। मंत्रों की पावन ध्वनि और यज्ञ की दिव्य सुगंध ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ते हुए प्रेरणादायी वातावरण प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया तथा नवप्रवेशी एवं वर्तमान विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें अनुशासन, परिश्रम, संस्कार एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ नए सत्र को सफल बनाने का संदेश दिया गया। 

इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधतंत्र के पदाधिकारी उमाशंकर वार्ष्णेय, श्री राजेश वार्ष्णेय, श्री मनीष अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित, डॉ. अतीत श्रीवास्तव, डॉ. आनंद चक्रवर्ती, डॉ. स्वतेंद्र सिंह, श्री गोपेश सिंह (एनसीसी अधिकारी),  राजकुमार (राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी) डॉ. फौजिया सिद्दीकी (राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी) डॉ. गायत्री कुमारी, डॉ. राकेश बाबू, डॉ. देव प्रकाश यादव, डॉ. आलोक कुमार, सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, लिपिक वर्ग, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र एवं समाज के उज्ज्वल भविष्य तथा महाविद्यालय की निरंतर प्रगति की मंगलकामना के साथ हुआ।


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