हाथरस शहर में आज दिनांक 22 जून 2026 को दून पब्लिक स्कूल, हाथरस की प्रतिभाशाली छात्रा सिद्धि गुप्ता ने अपनी अद्भुत नृत्य प्रतिभा और अथक परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाते हुए प्रतिष्ठित "War of Dance Competition" के ग्रैंड फिनाले की फ्यूजन कैटेगरी में प्रथम रनर-अप का खिताब अपने नाम कर लिया।
छात्रा सिद्धि गुप्ता ने प्रतियोगिता में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और कला के अनूठे समन्वय से निर्णायकों एवं दर्शकों का दिल जीत लिया। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित मंच पर उनकी प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास का साथ मिले तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।
इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है यह तथ्य कि सिद्धि ने अपनी प्रस्तुति विश्वविख्यात कोरियोग्राफर सुरेश मुकुंद के समक्ष दी। सुरेश मुकुंद की टीम "The Kings" ने अंतरराष्ट्रीय मंच World of Dance जीतकर भारत का नाम विश्वभर में रोशन किया था। ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की उपस्थिति में सिद्धि का उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी असाधारण प्रतिभा और समर्पण का परिचायक है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जे. के. अग्रवाल ने सिद्धि को बधाई देते हुए कहा "सिद्धि गुप्ता की यह उपलब्धि हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। उसने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। दून पब्लिक स्कूल सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। सिद्धि की सफलता हाथरस की समस्त बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें विश्वास है कि वह भविष्य में भी नई ऊँचाइयों को स्पर्श कर विद्यालय, परिवार तथा देश का नाम गौरवान्वित करेगी।"
सिद्धि की सफलता से उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। उनकी माता शिल्पी गुप्ता और पिता डॉ. आकाश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सदैव सिद्धि की प्रतिभा को प्रोत्साहित किया, सिद्धि ने भी अपनी मेहनत व समर्पण से हर बार उन्हें गौरवान्वित किया है। सिद्धि गुप्ता की यह सफलता केवल एक प्रतियोगिता में प्राप्त सम्मान नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सपनों को साकार करने के लिए प्रतिभा के साथ अथक परिश्रम, समर्पण और आत्मविश्वास का होना आवश्यक है।आज सिद्धि गुप्ता न केवल एक विजेता हैं, बल्कि हाथरस की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सफलता का जीवंत प्रतीक बन चुकी हैं।

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