उत्तर प्रदेश विधानसभा के घेराव की रणनीति और मनरेगा बचाओ आंदोलन की आहट से सहमी पुलिस ने बीती रात बड़ी कार्रवाई की। सासनी क्षेत्र के गांव बांधनु स्थित आवास पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को प्रशासन ने आधी रात के समय हाउस अरेस्ट कर लिया। सोमवार की शाम से ही उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी, जिससे वे मंगलवार को प्रस्तावित लखनऊ कूच में शामिल न हो सकें।
विवेक उपाध्याय ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है, लेकिन जब उनके हक और रुके हुए भुगतान की आवाज उठाई जाती है, तो सत्ता दमनकारी नीतियों पर उतर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात करीब एक बजे प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है।
विवेक उपाध्याय ने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाना अपराध नहीं है और इस तरह की घेराबंदी से मजदूरों और वंचित वर्ग के संघर्ष को दबाया नहीं जा सकता। गांव बांधनु में पुलिस की इस सक्रियता और जिलाध्यक्ष की नजरबंदी के बाद कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि चाहे सत्ता कितनी भी दीवारें खड़ी कर ले, वे शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
रिपोर्ट BY- हिमांशु कुशवाहा सासनी।

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