हाथरस दून पब्लिक स्कूल प्रधानाचार्य जे०के० अग्रवाल के प्रेरणादायक नेतृत्व में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र, अलीगढ़ के तत्वावधान में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार, उद्यमशीलता नीति-2015 तथा कैरियर विकास" विषय पर कक्षा नौवीं से कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए "एक दिवसीय" कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, अलीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ० अजय वर्धन आचार्य रहे।
कार्यशाला में सर्वप्रथम विद्यालय प्रधानाचार्य ने विषय विशेषज्ञ अतिथि का राधे पट्टिका पहना कर एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर स्वागत सम्मान किया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ० अजय वर्धन आचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विशेषज्ञता और व्यावहारिक कौशल के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते रोजगार परिदृश्य के अनुरूप अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कृषि विकास, उद्योग सशक्तीकरण, पर्यटन, कंप्यूटर शिक्षा तथा सूचना क्रांति को रोजगार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि डेयरी टेक्नोलॉजी, फल एवं सब्जी संवर्धन, जैविक खेती, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञता युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर खोल सकती है।डॉ. आचार्य ने भाषा कौशल के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी, फ्रेंच, एशियन, जापानी, कोरियन एवं स्पेनिश जैसी भाषाओं के अध्ययन को अनुवाद, द्विभाषी वाचन तथा अन्य भाषा आधारित रोजगार अवसरों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को बहुआयामी कौशल विकसित करने की सलाह दी।
उन्होंने प्राथमिक उपचार, लाइब्रेरी साइंस, भोजन एवं पोषण सहित विभिन्न प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों को रोजगार एवं व्यवसायपरक बताया। इसके अतिरिक्त पर्यावरण अध्ययन, आपदा प्रबंधन, मानवाधिकार, उपभोक्ता संरक्षण, गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), व्यापार कौशल, सूचना एवं तकनीकी कौशल, फैशन डिजाइन, पोषण एवं बाल देखभाल, ग्रामीण विकास, इवेंट मैनेजमेंट तथा नैतिक शिक्षा एवं गाइडेंस जैसे पाठ्यक्रमों की उपयोगिता के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। डॉ० आचार्य ने उन्नत भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान तथा जिला उद्योग केंद्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं और उनके माध्यम से उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को युवाओं के कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ते हुए विकसित भारत-2047 एवं विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के रोड मैप पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ कौशल, रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों की संभावनाओं को समझने और अपनी रुचि एवं प्रतिभा के अनुरूप भविष्य की दिशा निर्धारित करने में सहायता करती हैं।
प्रधानाचार्य ने डॉ. अजय वर्धन आचार्य एवं इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, अलीगढ़ की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की जानकारी मिलना उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा रोजगार, स्वरोजगार, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता से संबंधित विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा से कौशल, कौशल से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना रहा।

0 Comments