दून स्कूल में सीबीएसई की पहल पर “सीटी एवं एआई” विषय पर हाथरस के शिक्षकों हेतु ज्ञानवर्धक कार्यशाला आयोजन ।

 



 हाथरस में दून पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एवं हाथरस जिला शिक्षक प्रशिक्षण समन्वयक, सीबीएसई जे० के० अग्रवाल की तरफ से उनके प्रेरणादायी नेतृत्व में “सीटी एवं एआई विषय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा वार्ता” का भव्य आयोजन किया गया। इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में दून पब्लिक स्कूल, हाथरस, बी०एल०एस० इंटरनेशनल स्कूल, हाथरस, सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल, हाथरस, साइमा मंसूर पब्लिक स्कूल, हाथरस एवं श्री बलवंत सिंह पब्लिक स्कूल, सलेमपुर, हाथरस से विद्यालयों के लगभग 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया गया। कार्यक्रम का वातावरण पूर्णतः शैक्षिक ऊर्जा, नवाचार और तकनीकी जागरूकता से ओतप्रोत रहा।इस अवसर पर हाथरस जनपद के सहोदय ग्रुप के सेक्रेटरी विकास सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय प्रधानाचार्य द्वारा उन्हें राधेपट्टिका पहनाकर कर सम्मानित किया गया।

यह विशेष वार्ता कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य आधुनिक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI),  गणनात्मक (CT) तथा नवीन शिक्षण तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने रिसोर्स पर्सन के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जिसमें एआई विशेषज्ञ शुभम गर्ग, अंग्रेजी विशेषज्ञ नैतिक राठौर, विज्ञान विशेषज्ञ शिवानी कुशवाहा, गणित विशेषज्ञ मेदनी कौशिक तथा सामाजिक विज्ञान विशेषज्ञ सागर जोशी ने विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक प्रस्तुतियों एवं पीपीटी के माध्यम से विषय को अत्यंत रोचक, व्यवहारिक एवं ज्ञानवर्धक बनाया।

विशेषज्ञों ने शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, रचनात्मकता तथा समस्या समाधान कौशल विकसित करने के प्रभावी उपाय बताए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए अनेक शैक्षिक अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल ने अपने  संबोधन में कहा कि “आज का युग तकनीक और नवाचार का युग है। शिक्षा को समय के साथ अद्यतन करना अत्यंत आवश्यक है। "एआई" और "सीटी" जैसे विषय विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शिक्षक यदि स्वयं को नई तकनीकों से जोड़ते रहेंगे, तभी वे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। हमारा उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।”कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया कर ग्रुप फोटो हुआ।

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