दून पब्लिक स्कूल में अधिकारों की जड़ें’ गतिविधि का प्रभावशाली आयोजन: लैंगिक समानता पर वैश्विक दृष्टिकोण से विद्यार्थियों का सशक्तिकरण।

 


हाथरस दून पब्लिक स्कूल में "ब्रिटिश काउंसिल परियोजना" के अंतर्गत विद्यालय प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल के प्रेरक दिशा निर्देशन में "रिड्स इन-हाउस गतिविधि" का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन  किया गया। इस बहुआयामी शैक्षिक गतिविधि में कक्षा 9 एवं 10 के कुल 174 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।इस गतिविधि का शीर्षक “अधिकारों की जड़ें: आधुनिक भारत, स्वीडन, फ़िनलैंड एवं केन्या में लैंगिक समानता” है। गतिविधि में अंग्रेज़ी, सामाजिक अध्ययन, आईसीटी एवं हिंदी जैसे विषयों का एकीकृत समावेश किया गया, जिससे विद्यार्थियों को विषयों के बीच अंतर्संबंधों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने भारत सहित केन्या, स्वीडन एवं फ़िनलैंड में लैंगिक समानता की स्थिति, संवैधानिक प्रावधानों, सामाजिक परिवर्तनों एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोणों का तुलनात्मक अध्ययन किया। वाद–विवाद, समूह चर्चा, पोस्टर निर्माण, नारा लेखन, डायरी एवं कहानी लेखन, समानता प्रतिज्ञा दीवार जैसी रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

विद्यालय परिसर में “समान अधिकार, समान भारत”, “पूर्वाग्रह तोड़ो” जैसे सशक्त नारों से सुसज्जित पोस्टरों ने समानता जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई समानता प्रतिज्ञा दीवार पूरे सप्ताह विद्यालय में आकर्षण का केंद्र बनी रही, जो लैंगिक न्याय के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनी।यह गतिविधि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, वैश्विक जागरूकता, सहयोग, रचनात्मकता, प्रभावी संप्रेषण एवं नागरिक साक्षरता जैसे 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हुए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा—“लैंगिक समानता केवल एक सामाजिक अवधारणा नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और सशक्त समाज की आधारशिला है। जब हम सभी लिंगों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार प्रदान करते हैं, तभी राष्ट्र प्रगति की दिशा में आगे बढ़ता है।इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर उन्हें संवेदनशील, जागरूक एवं जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाती हैं। मुझे गर्व है कि दून पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी न केवल भारत, बल्कि अन्य देशों के संदर्भ में भी समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से चिंतन कर रहे हैं। मेरा विश्वास है कि आज के विद्यार्थी ही कल के नीति-निर्माता बनेंगे और वे एक ऐसे समाज का निर्माण करेंगे, जहाँ भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होगा।”

इस सफल आयोजन में परियोजना प्रभारी सीनियर कोऑर्डिनेटर रीटा शर्मा, नम्रता अग्रवाल (फाउंडेशन कोऑर्डिनेटर) इंचार्ज शिक्षक हर्षित अग्रवाल, शिक्षिका नीलम रावत एवं कपिल कुमार टेक्निकल सहायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।प्रधानाचार्य ने आयोजन से जुड़े शिक्षकों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को समानता, सम्मान एवं न्याय के मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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