हाथरस जिले के हसायन थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबकर तीन वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, गड्ढे में बच्चे का शव उतराता देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। परिजनों ने सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, थाना हसायन क्षेत्र के गांव गिरधरपुर निवासी पुष्पेंद्र का तीन वर्षीय बेटा देवेंद्र सोमवार दोपहर करीब तीन बजे घर से खेलने के लिए बाहर निकला था। बताया जा रहा है कि गांव के बाहर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क किनारे बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए थे, जिनमें पानी भरा हुआ था। खेलते-खेलते मासूम देवेंद्र अचानक पानी से भरे एक गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे में गहराई और पानी अधिक होने के कारण बच्चा डूब गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
काफी देर बाद जब ग्रामीणों की नजर गड्ढे में उतराते बच्चे के शव पर पड़ी तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। मासूम बेटे का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।घटना की सूचना मिलने पर इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बच्चे के शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं, मृतक बच्चे के परिजनों ने सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी है। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण के दौरान गांव के बाहर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए थे, जिनमें गांव से निकलने वाला पानी भर जाता था। इन गड्ढों को लेकर ठेकेदार से पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया और न ही गड्ढों को सुरक्षित करने के लिए कोई इंतजाम किए गए।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को भरवा दिया जाता या सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो शायद आज उनका मासूम बच्चा जिंदा होता।फिलहाल पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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