यूजीसी कानून पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाई रोक को लोकतंत्र जीत बताया-सांसद विधायक कॉर्पोरेट कंपनी के नौकर है।बोले निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री।

 


हाथरस जिले में पहुंचे बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का राष्ट्रीय सर्वण परिषद ने फूल माला पहनकर स्वागत किया।इस दौरान बड़ी संख्या में सर्वण समाज के  लोगो ने पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का स्वागत किया।पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने को लोकतंत्र की जीत बताया,उन्हें कहा कि सांसद और विधायक कॉर्पोरेट कंपनी के किए काम कर रहे है।देश की तबाही के लिए यूजीसी कानून बनाया गया था।

वही अलंकार अग्निहोत्री शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह प्रतिमा पर मालयर्पण किया।वही पत्रकारों से वार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहीं बड़ी बात है। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि भला हो सर्वोच्च न्यायालय का जो उन्हें इस पर रोक लगाई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।यूजीसी कानून के तहत सर्वण समाज के वर्ग को स्वयं भू घोषित अपराधी मानकर रेगुलेशन को लागू किया।इस कानून के तहत आपके बेटे बेटियां शारीरिक शोषण कराते,उनके साथ बलात्कार,सामूहिक बलात्कार एक तरीके समता समिति के माध्यम से उनका लिगल रेप करते।जिससे सर्वण वर्ग के बेटे बेटियां आत्महत्या करते।

बहुत दुख की बात थी कि इसको लेकर किसी भी जनप्रतिनिधि का कोई कमेंट नहीं आया और न ही कोई विरोध दर्ज कराया।जब हद हो गई तो मुझे लगा कि सिस्टम के आदमी को बाहर निकलना पड़ेगा।इसको लेकर मैंने दो बिंदु उठाए थे।जिसमें यूजीसी रेगुलेशन का बिंदु था,मैने लिखा था कि यह कानून पास लेना ही होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने इसका संज्ञान लिया है,अब यह किसी भी कीमत पर लागू नहीं होगा देश की जनता जाग गई है।

देश के 543 सांसद इतने अकलबंद हो चुके है कि इन्हें यह समझ नहीं आया।यह सभी एक प्राइवेट कंपनी के पैरोल पर काम करते हुए आपकी जाति का नाम इस्तेमाल करते हुए सांसद,विधायक बने हुए है और अपना करोड़ों रुपयों का एम्पायर बना रहे हैं।

रिपोर्ट BY-आक्रोश वार्ष्णेय।

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