हाथरस जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच निःस्वार्थ सेवा संस्थान ने इस वर्ष भी अपने वार्षिक संकल्प को निभाते हुए ‘रोटी बैंक’ हाथरस पर गरीब और वंचित लोगों के लिए जूते–मोज़े वितरण कराए । कई परिवार ऐसे हैं जो नंगे पैर या फटे पुराने जूतों के साथ ठिठुरन का सामना कर रहे थे। इस ज़रूरत को देखते हुए संस्था ने जूते मोजे बांटने का निर्णय लिया।
संस्थान के अध्यक्ष श्री सुनील अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि उन छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करना भी है, जिनके अभाव में ज़रूरतमंदों को जीवन कठिन लगता है। उन्होंने कहा, “ठंड में पैरों की सुरक्षा बेहद आवश्यक है। हमारे रोटी बैंक पर आने वाले अनेक लोग, विशेषकर बच्चे और मज़दूर, नंगे पैर आते हैं। उनकी इस पीड़ा को समझते हुए हमने जूते-मोज़ों के वितरण की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है।”
संस्था के अध्यक्ष ने लोगों से अपील की अपने पुराने गर्म कपड़े लोगों को दान करें क्योंकि उन लोगों के पास तो पुराने कपड़े भी नहीं है।वितरण के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। कई बच्चों और महिलाओं ने तुरंत नए जूते पहनकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। संस्था के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित तरीके से लाइन लगवाकर वितरण सुनिश्चित किया, जिससे किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो । संस्था के सदस्यों ने पूरी सावधानी से हर व्यक्ति को उसकी सही नाप के जूते प्रदान किए।
संस्था के लोगों ने अपने हाथों से लोगों को जूते और मोजे पहनाए |
संस्थान ने आगे बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी से बचाव हेतु कंबल वितरण, ऊनी वस्त्र का भी वितरण होगा । संस्था ने नागरिकों से इस मानवीय सेवा में सहयोग की अपील की है, ताकि यह प्रयास निरंतर जारी रह सके।इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, प्रवक्ता हिमांशु गौड़, सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव निश्कर्ष गर्ग, सतेंद्र मोहन, अवधेश कुमार बंटी, दीपांशु वार्ष्णेय सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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